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GPM: बच्चों के शिक्षा के लिए बेहतर कार्य करने वाले शिक्षकों के लिए का आज किया गया सम्मान..

कोरोना काल में जिले में जब सभी स्कूली कक्षाओें की ऑफलाइन शैक्षणिक गतिविधियां बाधित थी उस दौरान बच्चों के शैक्षणिक स्तर को बेहतर बनाए रखने के लिए पढ़ई तुंहर दुआर योजना के तहत बच्चों के शिक्षा के लिए बेहतर कार्य करने वाले शिक्षकों के लिए आज सम्मान समारोह आयोजित किया गया। शारीरिक शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान में अयोजित कार्यक्रम में मरवाही विधायक डॉ. के. के. धु्रव और जिला कलेक्टर ऋचा प्रकाश चौधरी की उपस्थिति में जिले के 36 शिक्षकों को सम्मानित किया गया। 


इसके साथ ही कलेक्टर ने जिले के सभी संकुल शैक्षणिक समन्वयकों की बैठक ली। उन्होंने बैठक में उपस्थित सभी संकुल शैक्षणिक समन्वयक, बीआरसी सहित शिक्षा विभाग के अधिकारियों को अफसर नहीं बल्की एक सहयोगी बनकर बच्चों के शैक्षणिक स्तर में सुधार लाने के लिए कार्य करने कहा।

सम्मान समारोह में विधायक डॉ. के.के. ध्रुवे ने कहा की बच्चों की शिक्षा मे शिक्षकों का विशेष योगदान होता है। इसलिए सभी शिक्षकों को बच्चो को बेहतर शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए निरंतर कार्य करते हुए शैक्षणिक गुणवत्ता को बढ़ाना चाहिए। कलेक्टर ऋचा प्रकाश चौधरी ने कहा की शिक्षा का हमारी नई पीढ़ी के विकास में विशेष योगदान है। जिसके लिए बच्चों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराना चाहिए। कलेक्टर ने उपस्थित सभी संकुल शैक्षणिक समन्वयकों की बैठक में उनके द्वारा किए जा रहे कार्यों की जानकारी ली तथा स्कूलों के निरीक्षण के दौरान बच्चों की कक्षाओं में बैठकर बच्चों की पढ़ाई से संबंधित समस्याओं को एक सहयोगी की तरह समझते हुए उनके शैक्षणिक स्तर मे सुधार लाने के निर्देश दिए है। 

उन्होेंने सभी संकुल शैक्षणिक समन्वयकों को शैक्षणिक गुणवत्ता मे सुधार लाने के लिए स्कूलों का नियमित निरीक्षण करने निर्देश दिए है। उन्होंने शैक्षणिक गतिविधियों के साथ ही स्कूलों में जल जीवन मिशन के तहत पेय जल की व्यवस्था, हैंडपंप, स्कूलों में बच्चों की संख्या अनुसार पानी के पर्याप्त नल कनेक्शन, औसत और कमजोर बच्चों पर विशेष ध्यान देने, कुछ विशेष विषयों पर कठिनाई अनुभव करने वाले बच्चों के लिए मार्गदर्शन आदि पर भी विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होने बच्चों को सुपोषित हरी सब्जियां उपलब्ध कराने के लिए किचन गार्डन बनाए जाने कहा। इसके साथ ही उन्होंने जिले में संचालित सीख कार्यक्रम, कहानियों का पिटारा आदि गतिविधियों पर भी विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए ताकि बच्चों का सर्वांगिण विकास हो सके। बैठक में जिला शिक्षा अधिकारी  मनोज राय, जिला परियोजना कार्यालय समग्र शिक्षा के डीएमसी ओम पांडेय, सभी विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी, बीआरसी और संकुल शैक्षणिक समन्वयक उपस्थित थे।